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चारित्रश्रमणी आर्यिका अभयमती-जीवन यात्रा
March 25, 2025
Books Final
Rahul
चारित्रश्रमणी आर्यिका अभयमती-जीवन यात्रा
प्रथम अध्याय
१.
चारित्रश्रमणी आर्यिका अभयमती-जीवन दर्शन
२.
आर्यिका श्री अभयमती जी की बुंदेलखण्ड यात्रा
३.
आर्यिका श्री अभयमती माताजी द्वारा किए गए चातुर्मास की सूची
४.
पूज्य आर्यिका श्री अभयमती माताजी की पूजन
५.
पूज्य आर्यिकारत्न श्री अभयमती माताजी की मंगल आरती
६.
भजन (अरे, जग जा रे चेतन…….)
साहित्य-साधना
१.
पूज्य अभयमती माताजी द्वारा लिखित समस्त साहित्य की सूची
कुछ प्रमुख ग्रंथों के परिचय
(१)
समयसार-अमृतकलश पद्यावली ४६
(२)
आत्मानुशासन
(३)
धर्मचक्र विधान
(४)
श्री रयणसार सरस काव्य पद्यावली
(५)
पुरुषार्थ सिद्ध्युपाय
(६)
अभय गीतांजलि
(७)
श्री भक्तामर काव्य पद्यावली एवं मण्डल विधान
(८)
मृत्युंजय विधान
(९)
श्रुतस्कंध विधान
(१०)
एक वृक्ष सात डालियाँ
(११)
सोलहकारण भावना
(१२)
दशधर्म
(१३)
भगवान महावीर का अमर संदेश
(१४)
पावन तीर्थ हस्तिनापुर का प्राचीन इतिहास
(१५)
अतिशय क्षेत्र बिहारी का चमत्कारिक इतिहास
(१६)
सप्तव्यसन
(१७)
बाल विज्ञान ज्योति के प्रश्नोत्तर
३.
भजन (माता तेरे चरणों में)
तृतीय अध्याय
दीक्षागुरु एवं आचार्य श्री शांतिसागर जी पट्टावली परिचय
१.
चारित्रचक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का जीवन परिचय
२.
प्रथम पट्टाधीश आचार्यश्री वीरसागर जी महाराज
३.
द्वितीय पट्टाधीश आचार्यश्री शिवसागर महाराज
४.
तृतीय पट्टाधीश आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज (पूज्य अभयमती माताजी के आर्यिका दीक्षागुरु )
५.
स्वर्णिम व्यक्तित्व की धनी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का परिचय १२५(श्री अभयमती माताजी की क्षुल्लिका दीक्षागुरु)
६.
पूज्य अभयमती माताजी की जननी श्रीमती मोहिनी देवी (जो बनीं आर्यिका श्री रत्नमती माताजी)
७.
आर्यिका श्री चन्दनामती माताजी का परिचय
८.
पीठाधीश क्षुल्लक श्री मोतीसागर महाराज का परिचय
९.
क्षुल्लिका श्री शांतिमती माताजी का जीवन परिचय
१०.
कर्मयोगी ब्र. रवीन्द्र कुमार जैन का परिचय
११.
पूज्य आर्यिका श्री अभयमती माताजी के जनक चैतन्यरत्नाकर लाला श्री छोटेलाल जी
१२.
तेरह भाई-बहनों के नाम
१४.
गृहस्थ भाई-बहनों के परिचय
१५.
माता मोहिनी एवं पिता छोटेलाल जी की तेरह सन्तानों की सन्तान परम्परा
१६.
‘‘असली दहेज’’ नाटक
१७.
मातृभक्ति
चतुर्थ अध्याय
अमृत-प्रवचन
१.
पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी के अमृत-प्रवचन
प्रवचन १-सम्यग्दर्शन की महिमा
प्रवचन २-जनवाणी नहीं जिनवाणी के अनुरूप बोलो
प्रवचन ३-आर्यिकाओं की पूजा एवं शासन देव-देवियों की आराधना आगम के अनुकूल है।
प्रवचन ४-यदि चतुर्थकालीन मुनि की भावना भाते हो, तो पहले चतुर्थकालीन श्रावक बनकर दिखाओ
प्रवचन ५-समवसरण की महिमा
२.
आर्यिका श्री अभयमती माताजी के सप्तव्यसन त्याग के परिप्रेक्ष्य में मंगल-प्रवचन व्यसन मुक्ति संदेश
(१)
जुआ खेलने से हानि
(२)
मांस भक्षण से हानि
(३)
शराब पीने से हानि
(४)
शिकार खेलने से हानि
(५)
वेश्या गमन से हानि
(६)
चोरी करने से हानि
(७)
परस्त्री सेवन से हानि
४.
आर्यिका श्री चन्दनामती माताजी के ध्यान-साधना पर प्रवचन
(१)
ध्यान ध्यान कैसे करें?करें?
(२)
ॐ का ध्यान
(३)
ह्रीं का ध्यान
(४)
पिण्डस्थ ध्यान की पाँच धारणाएँ
(५)
ध्यान के सूत्र पद
५.
व्रत-विधि
(१)
अक्षय तृतीया व्रत (श्री ऋषभदेव-आहार व्रत)
(२)
रक्षाबंधन व्रत
(३)
नवनिधि व्रत
(४)
शांतिनाथ व्रत (शांति भक्ति व्रत)
(५)
शारदा व्रत
पंचम अध्याय आर्यिकाओं के २८ मूलगुण
१.
आर्यिकाओं के २८ मूलगुण आदि चर्या
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