यहाँ पर पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा बतलाये गये कुछ व्रत प्रस्तुत किए जा रहे हैं, व्रत करने के इच्छुक भक्तगण इन व्रतों को करके अपने जीवन को संयमी बनाएँ, यही मंगलभावना है।