प्रतिदिन खड़े होकर दोनों पैर पैâलाकर कमर पर दोनों हाथ रखकर अपने आप को तीन लोक बनाकर ध्यान करना चाहिए। ध्यान में तीन लोक के जिनमंदिरों को, जिनप्रतिमाओं को, नवदेवताओं को स्थापित करने से यह शरीर पवित्र हो जायेगा। मन पवित्र होगा, वचन पवित्र होंगे। शरीर पवित्र होकर स्वस्थ होगा पुन: अपने आपको सिद्धशिला तक ले जाना चाहिए। जिससे एक न एक दिन अपनी आत्मा नियम से सिद्ध परमात्मा बन जायेगी। यही इस तीनलोक के ध्यान का सार है।