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जन्मदिन आया है वन्दन कर लो!
June 15, 2020
भजन
jambudweep
जन्मदिन आया है
तर्ज—धीरे-धीरे बोल कोई……
जन्मदिन आया है वन्दन कर लो, वन्दन कर लो, अभिनंदन कर लो।
तिथि शरदपूर्णिमा आ गई, माँ ज्ञानमती में समा गई।। जन्मदिन…।।टेक.।।
नभ का चन्दा निज रश्मी बिखरा रहा, तभी धरा पर एक चाँद मुस्का रहा।
छोटेलाल का चाँद सलोना था प्रथम, मोहिनी माँ ने जनम दिया कन्या रतन।।
वही बन गई, माँ ज्ञानमति-२, जो गणिनीप्रमुख महान हैं।
दुनिया में उनका नाम है।। जन्मदिन…।।१।।
युग युग तक जीवन्त रहे माता मेरी, जनमजयंती सौ सौ बार मने तेरी।
यही ‘‘चन्दनामति’’ अभिलाषा है मेरी, शरदपूर्णिमा ज्ञानपूर्णिमा हो तेरी।।
वन्दन करूँ, सुमिरन करूँ-२, तुझे शत-शत अभिवंदन करूँ।
तेरे चरणों में वन्दन करूँ।। जन्मदिन…।।२।।
तू धरती पर सरस्वती अवतार है, तुझमें सारा भरा ज्ञान भण्डार है।
पर उपकार तेरे जीवन का सार है, इसीलिए गुण गाता सब संसार है।।
वन्दन करूँ, सुमिरन करूँ-२, तुझे शत-शत अभिवंदन करूँ।
तेरे चरणों में वन्दन करूँ।। जन्मदिन…।।३।।
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