आर्यिका श्री १०५ ओंकारमति माता जी

पूर्व का नाम :                         बाल ब्रह्मचारिणी ममता  जी  

पिता का नाम :                       श्री मुलायमचंद  जी  जैन 

माता का नाम :                      श्रीमती इन्द्राणी  बाई  जी  जैन 

भाई – बहिन के नाम              (१)ब्र. विमल  (२) आपका क्रम (३) बा.ब्र. सविता (वर्तमान मे अनुत्तरमति माता जी)    

जन्म के क्रम से :                  (४) बा.ब्र. अंजू जी (आ.अगाधमति जी) (५)श्री विनोद  (६)श्रीमती सुनीता (७) ब्र. मीना   

जन्म/ दिनांक/तिथि            ०८-०१-९६८ सोमवार, पौष शुक्ल ८, वी.सं. २०२४      

दिन/स्थान/समय :              पिपरिया (वर्तमान मे बांदकपुर),जिला दमोह (म.प्र.)   

शिक्षा (लौकिक/धार्मिक) :     हायर सेकेण्डरी  

ब्रह्मचर्य व्रत दिनांक/             श्री दिग. जैन अतिशय क्षेत्र पपौरा जी (अक्षय तृतीय)      

दिन/तिथि/स्थान :                जिला-टीकमगढ़ (म.प्र.)       

प्रतिमा (कब/कहाँ):              सात प्रतिमा, श्री दिग.जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर जी जिला- दमोह (म.प्र.) १९९२     

आर्यिका दीक्षा दिनांक/           १८-०८-१९९७ श्रावण शुक्ल पूर्णिमा सोमवार, वी.सं. २०५४ (रक्षाबंधन के दिन)   

दिन/तिथि/स्थान :               श्री दिग. जैन सिद्धोदय सिद्धक्षेत्र रेवातट नेमावर जिला देवास (म.प्र.) 

 दीक्षा गुरु :                            आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज

वर्तमान मे संघस्थ :               आर्यिका श्री १०५ उपशांतमति माता जी 

 विशेष :                               आपकी सीधी आर्यिका दीक्षा हुई| आ. श्री १०५ अनुत्तरमति जी, आ. श्री १०५ ओंकारमति जी, एवं आ. श्री १०५ अगाधमति माताजी आप तीनों गृहस्थ जीवन की बहिने है                                                एवं आपके पिता श्री क्षुल्लक अनुग्रहसागर जी है, आप सभी एक ही गुरु से दीक्षित है |