सप्तम पट्टाचार्य श्री १०८ अनेकांतसागर जी महाराज की मंगल आरती
सप्तम पट्टाचार्य श्री १०८ अनेकांतसागर जी महाराज की मंगल आरती अनेकान्त सूरि गुरुराज, आज थारी आरती उतारूँ-२ आरती उतारूँ थारी मूरत निहारूँ-२ अनेकान्त सूरि गुरुराज……… माता शांती के राजदुलारे, पिता भगवानदास जी के हो प्यारे जन्में हो गोटेगांव, आज थारी आरती उतारूँ अनेकान्त सूरि गुरुराज……… वर्ष चौबीस में बाल ब्रह्मचारी, पावागढ़ शिवनगरी न्यारी आतम का…