चारित्रचक्रवर्ती प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर महाराज एवं परम्पराचार्यों के अर्घ्य
“…चारित्रचक्रवर्ती प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर महाराज एवं परम्पराचार्यों के अर्घ्य…” चारित्रचक्रवर्ती प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर परम्पराचार्य अर्घ्य सदी बीसवीं के श्री प्रथमाचार्य शान्तिसागर को नमन। वीर सिन्धु-शिव-धर्म-अजित-श्रेयांस व अभिनंदन को नमन।। अनेकान्तसागराचार्य सप्तम सूरीश्वर को वन्दन। सब आचार्यों के श्रीचरणों में मैं अर्घ्य करूँ अर्पण।। ॐ ह्रीं प्रथमाचार्यश्रीशांतिसागर-वीरसागर-शिवसागर-धर्मसागर-अजितसागर-श्रेयांससागर-अभिनंदनसागर-वर्तमान सप्तमपट्टाचार्य श्रीअनेकांत-सागरादि समस्त परम्पराचार्येभ्यो अर्घ्यं निर्वपामीति स्वाहा। प्रथमाचार्य श्री…