पाँचों व्रतों की उद्यापन विधि
पाँचों व्रतों की उद्यापन विधि पांचों व्रतों में कोई भी एक व्रत करके उद्यापन में समवसरण विधान करना है या प्रत्येक अपने—अपने व्रत के विधान करना है। तीर्थंकर भगवंतों की सभी केवलज्ञान भूमि के या किसी एक के दर्शन अवश्य करना है।भगवान ऋषभदेव ने प्रयाग में दीक्षा ली है, प्रयाग में ही उन्हें केवलज्ञान हुआ…