सिद्ध शिला स्तोत्र
सिद्ध शिला स्तोत्र —शंभु छंद— श्री सिद्धशिला नरलोक मात्र पैंतालिस लाख सुयोजन है। त्रैलोक्य शिखर पर अष्टम भू, पर रुक्मी१ अर्ध चंद्र सम है।। श्री सिद्ध अनंतानंत इसी पर तिष्ठें अष्ट गुणान्वित हैं। मैं भक्ती से इनको वंदूँ, ये देते सौख्य अपरिमित हैं।।१।। -दोहा- सिद्ध शिला को वंदते, सर्व कार्य हों सिद्ध। भक्ति भाव से…