प्रशस्ति
प्रशस्ति -नरेन्द्र छंद- वीरनाथ अंतिम तीर्थंकर, जिनका शासन अब है। जिनका नाम लेत ही तत्क्षण, क्षय होते अघ सब हैं।। उनके शासन के अनुयायी, कुन्दकुन्द गुरु मानेें। गच्छ सरस्वति विश्वप्रथितगण, बलात्कार भी जानें।।1।। उस ही परम्परा के )षिवर, शंातिसागराचार्या। जिनके शिष्य वीरसागर ने, गुरूपट्ट को धर्या।। ऐसे सूरि वीरसागर के, चरण कमल में आके। ‘ज्ञानमती’…