भजन
भजन तर्ज—फूलों सा चेहरा तेरा…… सार्थक हो जीवन मेरा, पाया जो वरदान है। पुण्यकार्य कर सवूँâ, भवसमुद्र तर सवूँâ, मन में ये अरमान है।। टेक.।। इस तन में है इक चैतन्य आत्मा, उसका ही सारा चमत्कार है। जिस दिन निकल जाय तन से वो आत्मा, रह जाता पुद्गल का संसार है।। नर जनम को पाके,…