भजन
भजन….. तर्ज-तेरे हाथों की….. मेरा भाग्य सितारा चमका, मिला अवसर प्रथम न्हवन का। कि मैं तो निहाल गया, मुझे मिल गया रतन खजाना, कि मैं तो मालामाल हो गया।। श्री ऋषभगिरी पर्वत पर, मांगीतुंगी तीरथ पर। देखो कमाल हो गया, बनी इक सौ आठ फुट प्रतिमा।। कि वैâसा चमत्कार हो गया।।मेरा.।।टेक.।। ऋषभगिरी एक पर्वत है…