श्री अरिष्टनेमितीर्थंकर पूजा
“…श्री अरिष्टनेमितीर्थंकर पूजा…” -अथ स्थापना- (तर्ज-करो कल्याण आतम का……) नमन श्री नेमि जिनवर को, बालयति स्वात्मनिधि पायी। तजी राजीमती कांता, तपो लक्ष्मी हृदय भायी।। करूँ आह्वान हे भगवन्! पधारो मुझ मनोम्बुज में। करूँ मैं अर्चना रुचि से, अहो उत्तम घड़ी आई।।१।। नमन श्री…।।टेक.।। ॐ ह्रीं श्रीअरिष्टनेमिनाथतीर्थंकर! अत्र अवतर अवतर संवौषट् आह्वाननं। ॐ ह्रीं श्रीअरिष्टनेमिनाथतीर्थंकर! अत्र…