ढाईद्वीप गणधरदेव पूजा
ढाईद्वीप गणधरदेव पूजा अथ स्थापना (शंभु छंद) मध्यलोक में ढाईद्वीप तक, कर्मभूमियाँ मानी हैं। सब इक सौ सत्तर भव्यहेतु, ये शिवपथ की रजधानी हैं। इनमें तीर्थेश रहें उन के, गणधर को पूजूँ भक्ती से। आह्वानन स्थापन करके, गुणमणि को ध्याऊँ युक्ती से।।१।। ॐ ह्रीं सार्धद्वयद्वीपसंबंधिसप्तत्यधिकशतकर्मभूमिस्थितआर्यखंडेषु त्रैकालिकसर्वगणधरदेवसमूह! अत्र अवतर अवतर संवौषट् आह्वाननं। ॐ ह्रीं सार्धद्वयद्वीपसंबंधिसप्तत्यधिकशतकर्मभूमिस्थितआर्यखंडेषु त्रैकालिकसर्वगणधरदेवसमूह!…