चम्पापुर तीर्थ के अर्घ्य
चम्पापुर तीर्थ के अर्घ्य -शेर छंद- भगवान वासुपूज्य जहाँ गर्भ में आये। आषाढ़ कृष्णा छठ तिथी सुरगण वहाँ आये।। माता जयावती पिता वसुपूज्य का आँगन। रत्नों से भर गया करूँ उस भूमि का यजन।।१।। ॐ ह्रीं तीर्थंकरश्रीवासुपूज्यनाथगर्भकल्याणकपवित्रचम्पापुरीतीर्थक्षेत्राय अर्घ्यं निर्वपामीति स्वाहा। फाल्गुन वदी चौदश जहाँ प्रभु का जन्म हुआ। स्वर्गों में सुरपती का मुकुट स्वयं झुक…