पुष्करवृक्ष शाल्मलीवृक्ष जिनालय वन्दना
पुष्करवृक्ष शाल्मलीवृक्ष जिनालय वन्दना…. —नरेन्द्र छंद— पुष्करतरु से अंकित पुष्कर, द्वीप जु सार्थक नामा। सुरगिरि के दक्षिण-उत्तर में, भोग भूमि अभिरामा।। उत्तरकुरु ईशान कोण में, पद्मवृक्ष मन मोहे। देवकुरु नैऋत में शाल्मलि, तरु पे सुरगण सोहें।।१।। (चाल—हे दीन बन्धु……) जय रत्नमयी वृक्ष ये अनादि अनंता। जय पंचरत्न वर्ण सिद्धकूट धरंता।। जय जय जिनेन्द्र देव के,…