मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र की आरती
मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र की आरती तर्ज—चांद मेरे आ जा रे……………. आरती मांगीतुंगी की, सिद्धक्षेत्र से, सिद्ध हुए जो, उनकी करूँ आरतिया।।टेक.।। निज आत्मसिद्धि करने को, श्री पद्म यहां आये थे। निन्यानवे कोटि मुनी भी, यहाँ से शिवपद पाये थे।। आरती मांगीतुंगी की।।१।। मांगी एवं तुंगीगिरि, दोनों आदर्श खड़े हैं। वहां निर्मित जिनालयों में, जिनबिम्ब अनेक दिखे…