आचार्य शांतिसागर परम्परा का पद्यमयी इतिहास
“…आचार्य शांतिसागर परम्परा का पद्यमयी इतिहास…” यह भारत वसुन्धरा ऋषियों की जन्मभूमि कहलाती है। उनके ही पावन कृत्यों से यह कर्मभूमि कहलाती है।। यहाँ धर्म की गंगा बहने से यह धर्मभूमि कहलाती है। परकृत उपसर्ग सहन करने से धन्य भूमि कहलाती है।।१।। यहाँ कितने ही कविराज हुए जो गुरु महिमा लिख चले गए। क्या दौलत…