(नित्यपक्ष में अर्थक्रिया का अभाव)
(नित्यपक्ष में अर्थक्रिया का अभाव) कूटस्थ नित्य में क्रम से कार्य करना बन नहीं सकता है। एक कार्य के उत्पादन काल में ही सभी कार्यों का उत्पादन कर देने की सामर्थ्य नित्य में पायी जाती है। उसमें सहकारी कारणों का मिलना भी अकिंचित्कर है। सहकारी कारण के बिना कार्यों को करने की सामर्थ्य का अभाव…