भजन
भजन -प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती तर्ज—पंखिड़ा……… पंखिड़ा तू उड़ के जाना स्वर्गपुरी में। कहना इन्द्र से कि चलो मध्यलोक में।।पंखिड़ा……।।टेक.।। मध्यलोक में श्री जिनवरों के नाथ जन्मे हैं। उनके माता-पिता और तीनों लोक हरषें हैं।। पूजा करो, भक्ति करो, वन्दना करो। भक्ति करके प्रभु की आत्मशक्ति को भरो।।पंखिड़ा……।।१।। देखो मध्यलोक में ही सारे तीर्थक्षेत्र हैं। प्रभु…