दीपावली पूजन (विधि नं.-१)
दीपावली पूजन (विधि नं.-१) भगवान महावीर सब ओर से भव्यों को सम्बोध कर पावापुरी पहुँचे और वहाँ ‘‘मनोहर उद्यान’’ नाम के वन में विराजमान हो गये। जब चतुर्थकाल में तीन वर्ष साढ़े आठ माह बाकी थे, तब स्वाति नक्षत्र में कार्तिक अमावस्या के दिन प्रातःकाल (उषाकाल) के समय अघातिया कर्मों का नाश कर भगवान कर्म…