जिन सहस्रनाम मंत्र
जिन सहस्रनाम मंत्र…. जिनसहस्रनाम मंत्र जिनसहस्रनाम पूजा सहस्रनाम व्रत विधि सरस्वती स्तोत्र जिनवाणी स्तुति सरस्वती देवी के १०८ मंत्र सरस्वती पूजा ज्ञान पचीसी व्रत विधि
जिन सहस्रनाम मंत्र…. जिनसहस्रनाम मंत्र जिनसहस्रनाम पूजा सहस्रनाम व्रत विधि सरस्वती स्तोत्र जिनवाणी स्तुति सरस्वती देवी के १०८ मंत्र सरस्वती पूजा ज्ञान पचीसी व्रत विधि
ज्ञान पचीसी व्रत विधि ज्ञान पचीसी व्रत में ग्यारस के ग्यारह उपवास और चौदश के चौदह उपवास ऐसे कुल पचीस व्रत होते हैं। यह व्रत ग्यारह अंग और चौदह पूर्वरूप ज्ञान की आराधना के लिए किया जाता है। इसको श्रावण सुदी चतुर्दशी से करने का विधान है। मतांतर से इस व्रत में दशमी के दश…
सरस्वती पूजा -अथ स्थापना-शंभु छंद- जिनदेव के मुख से खिरी, दिव्यध्वनी अनअक्षरी। गणधर ग्रहण कर द्वादशांगी, ग्रंथमय रचना करी।। इन अंग पूरब शास्त्र के ही, अंश ये सब शास्त्र हैं। उस जैनवाणी को जजूँ, जो ज्ञान अमृतसार है।।१।। ॐ ह्रीं अर्हन्मुखकमलविनिर्गतद्वादशांगमयी सरस्वती देवि! अत्र अवतर अवतर संवौषट् आह्वाननं। ॐ ह्रीं अर्हन्मुखकमलविनिर्गतद्वादशांगमयी सरस्वती देवि!अत्र तिष्ठ तिष्ठ…
सरस्वती देवी के १०८ मंत्र अर्हद्वक्त्राब्जसंभूतां, गणाधीशावतारितां। महर्षिधारितां स्तोष्ये, नाम्नामष्टशतेन गां।।१।। १. ॐ ह्रीं श्री आदिब्रह्ममुखाम्भोज प्रभवायै नम: २. ॐ ह्रीं द्वादशांगिन्यै नम: ३. ॐ ह्रीं सर्वभाषायै नम: ४. ॐ ह्रीं वाण्यै नम: ५. ॐ ह्रीं शारदायै नम: ६. ॐ ह्रीं गिरे नम: ७. ॐ ह्रीं सरस्वत्यै नम: ८. ॐ ह्रीं ब्राह्म्यै नम: ९. ॐ…
जिनवाणी स्तुति हे सरस्वती माता, अज्ञान दूर कर दो। जग को देकर साता, विज्ञान पूर्ण भर दो।। श्रुत का भण्डार भरा, तेरे ज्ञान की गंगा में। जन मन शृृंगार करा, गुरुवर मुनि चन्दा ने।। शृृंगार सहित माता, श्रुतज्ञान पूर्ण कर दो। जग को देकर साता, विज्ञान पूर्ण भर दो।।१।। प्रभु वीर की वाणी सुन, गणधर…
सरस्वती स्तोत्र बारह अंगंगिज्जा, दंसणतिलया चरित्तवत्थहरा। चोद्दसपुव्वाहरणा, ठावे दव्वाय सुयदेवी।।१।। आचारशिरसं सूत्र-कृतवक्त्रां सुकंठिकाम्। स्थानेन समवायांग-व्याख्याप्रज्ञप्तिदोर्लताम् ।।२।। वाग्देवतां ज्ञातृकथो-पासकाध्ययनस्तनीम्। अंतकृद्दशसन्नाभि-मनुत्तरदशांगत: ।।३।। सुनितंबां सुजघनां, प्रश्नव्याकरणश्रुतात्। विपाकसूत्रदृग्वाद-चरणां चरणांबराम् ।।४।। सम्यक्त्वतिलकां पूर्व-चतुर्दशविभूषणाम्। तावत्प्रकीर्णकोदीर्ण-चारुपत्रांकुरश्रियम्।।५।। आप्तदृष्टप्रवाहौघ-द्रव्यभावाधिदेवताम् । परब्रह्मपथादृप्तां, स्यादुक्तिं भुक्तिमुक्तिदाम्१ ।।६।। निर्मूलमोहतिमिरक्षपणैकदक्षं, न्यक्षेण सर्वजगदुज्ज्वलनैकतानम् । सोषेस्व चिन्मयमहो जिनवाणि ! नूनं, प्राचीमतो जयसि देवि ! तदल्पसूतिम् ।।७।। आभवादपि दुरासदमेव, श्रायसं सुखमनन्तमचिंत्यम् ।…
सहस्रनाम व्रत विधि शास्त्रों में अनेक प्रकार के व्रतों के करने का विधान है। ‘‘मराठी व्रत कथा संग्रह’’ में सहस्रनामव्रत करने की विधि बतलाई गई है। इस व्रत में श्री जिनेन्द्रदेव के एक हजार आठ नामों के एक हजार आठ व्रत करने को कहा है। व्रत की उत्तम विधि उपवास है, मध्यम विधि में नीरस…
जिनसहस्रनाम पूजा अथ स्थापना-शंभु छंद जिनवर की प्रथम दिव्य देशना, नंतर सुरपति अति भक्ती से। निज विकसित नेत्र हजार बना, प्रभु को अवलोकें विक्रिय से।। प्रभु एक हजार आठ लक्षणधारी सब भाषा के स्वामी। शुभ एक हजार आठ नामों से, स्तुति करता वह शिवगामी।। -दोहा- एक हजार सु आठ ये, श्री जिननाम महान। उनकी मैं…
(१) १. ॐ ह्रीं श्रीमते नम: २. ॐ ह्रीं स्वयंभुवे नम: ३. ॐ ह्रीं वृषभाय नम: ४. ॐ ह्रीं शंभवाय नम: ५. ॐ ह्रीं शंभवे नम: ६. ॐ ह्रीं आत्मभुवे नम: ७. ॐ ह्रीं स्वयंप्रभाय नम: ८. ॐ ह्रीं प्रभवे नम: ९. ॐ ह्रीं भोक्त्रे नम: १०. ॐ ह्रीं विश्वभुवे नम: ११. ॐ ह्रीं अपुनर्भवाय…
दीपावली पूजन…. १. दीपावली पूजन विधि २. नवदेवता पूजा ३. भगवान महावीर पूजन ४. निर्वाणकाण्ड भाषा ५. गौतम गणधर पूजा ६. केवलज्ञान महालक्ष्मी पूजा ७. दीपावली पूजा विधि नं. २ ८. वीर निर्वाण संवत्सर पूजा ९. पावापुरी सिद्धक्षेत्र पूजा १०. भजन ११. भजन (अंग्रेजी) १२. भजन १३. महावीर स्वामी की आरती