चारित्रचक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की आरती
चारित्रचक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की आरती -आर्यिका चन्दनामती तर्ज—मन डोले, मेरा …….. जय जय गुरुवर, हे सूरीश्वर, श्री शांतिसिन्धु महाराज की, मैं आज उतारूँ आरतिया।।टेक.।। जग में महापुरुष युग का, परिवर्तन करने आते । अपनी त्याग तपस्या से वे, नवजीवन भर जाते ।।गुरुजी नवजीवन………… जग धन्य हुआ, तव जन्म हुआ, मुनि परम्परा साकार…