कंदर्प किल्विषक आभियोग्य देवों की उत्पत्ति
कंदर्प किल्विषक आभियोग्य देवों की उत्पत्ति जो यहाँ कंदर्प-काम, राग आदि परिणामों से सहित पुण्य संचय करते हैं। वे मनुष्य ईशान स्वर्ग पर्यंत कंदर्प जाति के देवों में ही उत्पन्न होते हैं, आगे नहीं, जो यहाँ गीत, गान आदि को आजीविका-नृत्य आदि कार्य करते हैं वे किल्विष परिणाम से सहित जीव, शुभ कर्म संचय के…