तीर्थंकरों के वस्त्रादि वाले दिव्य स्तम्भ
तीर्थंकरों के वस्त्रादि वाले दिव्य स्तम्भ सौधर्म इंद्र के गृहों के आगे ३६ योजन ऊँचे, १ योजन मोटाई से सहित वङ्कामय १२ धाराओं वाले ‘मानस्तम्भ’ होते हैं, इनकी प्रत्येक धारा का विस्तार १-१ कोस प्रमाण है। अर्थात् ये मानस्तम्भ बारह कोण संयुक्त गोल होते हैं। एक योजन चौड़े मानस्तंभ की परिधि १२ कोस (३ योजन)…