इंद्रक और श्रेणीबद्ध बिलों का प्रमाण
इंद्रक और श्रेणीबद्ध बिलों का प्रमाण पहले ‘सीमन्तक’ नामक इंद्रक बिल की चारों दिशाओं में उनचास-उनचास और चारों विदिशाओं में ४८-४८ श्रेणीबद्ध बिल हैं। ‘सीमन्तक’ इंद्रक संबंधी श्रेणीबद्ध बिलों का प्रमाण ३८८ है। दिशा संबंधी ४९ को ४ से गुणा एवं विदिशा संबंधी ४८ को ४ से गुणा करने पर ४९²४·१९६, ४८²४·१९२। १९६±१९२·३८८ होता है।…