भगवान ऋषभदेव
ऐतिहासिक तीर्थ हस्तिनापुर वंदना श्रीमद् ऋषभदेवस्या-हारदानेन विश्रुतं। हस्तिनागपुरं वन्दे, दानतीर्थं जगन्नुतं।।१।। शांतिकुंथ्वरतीर्थेशां, चतु:कल्याणवैâर्युतम्। देवदेवैर्नुतं तीर्थं, भक्त्या वन्दे पुन: पुन:।।२।। वन्दना आदिनाथ का आदि में, हुआ यहाँ आहार। हस्तिनागपुर में किया, देवों ने जयकार।।१।। शान्ति, कुंथु, अरनाथ त्रय-तीर्थंकर चक्रेश। गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान से, किया पवित्र स्वदेश।।२।। जयकुमार गणधर मुनी, चक्री सनत्कुमार। महापद्मचक्री मुनी, हुए भवोदधि…