(२८) चारित्रशुद्धि व्रत विधि
(२८) चारित्रशुद्धि व्रत विधि आवश्यक पठितव्य- मुनियों के तेरह प्रकार के चारित्र प्रसिद्ध हैं। पाँच महाव्रत, पाँच समिति और तीन गुप्ति। पाँच महाव्रत के अनंतर रात्रिभोजन त्यागरूप में छठा अणुव्रत भी माना है। मूलाचार में एवं श्री गौतमस्वामी के मुखकमल से निर्गत मुनि, आर्यिकाओं के दैवसिक–रात्रिक एवं पाक्षिक प्रतिक्रमण में इस छठे अणुव्रत का बहुत…