श्री शांतिजिन स्तोत्र
श्री शांतिजिन स्तोत्र श्री शांति प्रभो! शरणागत जन, शान्ती के दाता कहें तुम्हें। यह धन्य हुई हस्तिनापुरी, जहाँ राज्य किया शांतीश्वर ने।। विश्वसेन पिता ऐरादेवी, माता का अतिशय पुण्य खिला। भादों वदि सप्तमि के प्रभु को, गर्भागम का सौभाग्य मिला।।१।। शुभ ज्येष्ठ वदी चौदस आई, शांतीश्वर ने जब जन्मलिया। सुरगृह में बाजे बाज उठे, इन्द्रों…