क्षमावणी पर्व का भजन
क्षमावणी पर्व का भजन तर्ज-तीरथ कर लो पुण्य कमा लो…….. क्षमा गुण को मन में धर लो, क्षमा को वाणी में कर लो। शत्रु-मित्र सबमें समता का, भाव हृदय भर लो।। क्षमा गुण को मन में धर लो।।टेक.।। मैत्री का हो भाव सभी, प्राणी के प्रति मेरा। गुणी जनोें को देख हृदय, आल्हादित हो मेरा।।…