उत्तम क्षमा धर्म का भजन
उत्तम क्षमा धर्म का भजन तर्ज-आवाज देकर…………… क्षमा धर्म से अपनी बगिया सजाओ। गुणों की सुरभि अपने जीवन में लाओ।। न क्रोधी प्रकृति आत्मा की कही है। वहाँ तो सदा शान्ति सरिता बही है।। नहीं क्रोध कर अपनी गरिमा घटाओ। गुणों की सुरभि………………..।।१।। हो यदि कोई दुश्मन तुम्हारा जगत में। उसे जीत सकते हो तुम…