(चौबीसी नं. ८) पूर्वधातकीखण्डद्वीप भरतक्षेत्र वर्तमानकालीन तीर्थंकर स्तोत्र
(चौबीसी नं. ८) पूर्वधातकीखण्डद्वीप भरतक्षेत्र वर्तमानकालीन तीर्थंकर स्तोत्र -्नारेन्द्र छंद पूर्वधातकी भरतक्षेत्र में, वर्तमान जिनदेवा। विजयमेरु के दक्षिणदिश में, सुरनरकृत पद सेवा।। इन चौबीसों तीर्थंकर को, भक्ति भाव से ध्याऊँ। मन-वच-तन से वंदन करके, निज आतम सुख पाऊँ।।१।। -दोहा- धर्मचक्र के अधिपती, त्रिभुवनपति जिनराज। मैं नित श्रद्धा भाव से, नमूँ नमूँ नत माथ।।२।। -रोला छंद-…