प्रतिष्ठा के विषय में कतिपय विचार बिन्दु
प्रतिष्ठा के विषय में कतिपय विचार बिन्दु —गणिनी ज्ञानमती माताजी (बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के प्रथम शिष्य एवं प्रथम पट्टाचार्य श्री वीरसागर जी महाराज की आज्ञानुसार एवं उनके शिष्य प्रतिष्ठाचार्य ब्र. सूरजमल जी के विधि-विधान अनुष्ठान अनुसार) (१) प्रतिष्ठाग्रंथ एक किन्हीं का विरचित ही लेना चाहिए। संकलित-वर्तमान साधु…