पंचबालयति तीर्थंकर पूजा
“…पंचबालयति तीर्थंकर पूजा…” रचयित्री-प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चन्दनामती चौबिस तीर्थंकर जिनवर में से, पाँच बालयति कहलाये। जो बालब्रह्मचारी बनकर, जिनधर्म प्रवर्तक कहलाये।। श्रीवासुपूज्य-मलि-नेमि-पार्श्व-प्रभु वर्धमान पद प्रणमन है। इन पंचबालयतिप्रभु की पूजन, हेतु यहाँ आह्वानन है।।१।। ॐ ह्रीं पंचबालयतितीर्थंकरसमूह! अत्र अवतर अवतर संवौषट् आह्वाननं। ॐ ह्रीं पंचबालयतितीर्थंकरसमूह! अत्र तिष्ठ तिष्ठ ठ: ठ: स्थापनं। ॐ ह्रीं पंचबालयतितीर्थंकरसमूह! अत्र मम…