भाष्य सूक्ति!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाष्य सूक्ति – Bhasya Sukti. Name of a treatise written by jagadish Bhattacharya. वैशेषिक दर्शन सूत्र पर लिखी जगदीश भट्टाचार्य कृत एक व्रत्ति का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाष्य सूक्ति – Bhasya Sukti. Name of a treatise written by jagadish Bhattacharya. वैशेषिक दर्शन सूत्र पर लिखी जगदीश भट्टाचार्य कृत एक व्रत्ति का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तेयानंद – Steyanamda. To feel pleasure in theft.रौद्रध्यान के 4 भेदो मे एक भेद, चैर्यानंद। प्रमादपूर्वक दूसरे के धन को बलात् हरने का अभिप्राय रखना या उसमे हर्षित होना।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञगुप्त –Yagyagupta. Name of the 49th chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थंकर ऋषभदेव के 49वें गणधर का नाम”
चित्रगुप्त Name of the 17th predestined Tirthankar (Jaina-Lord). भावी सत्रहवें तीर्थंकर का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य बंध Physical binding, Physical bondage. योग और कषायों के निमित्त से कर्म वर्गणाओं का आत्मा के प्रदेशों के साथ परस्पर मिल जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्रकूट Name of a city, A city in the south of Vijayardh mountain. एक शहर का नाम , विजयार्द्क की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य निग्रन्थ Physically naked, with material detachment. जो समस्त बाह्म परिग्रहों से निर्लिप्त है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यागारावास – Shunyaagaaraavaasa. One of the 5 temprements of the vow of nonstealing (staying in peaceful & solitude place like caves etc.). अचौर्यव्रत की 5 भावनाओं में पहली भावना; सूने घर व स्वभाव से शून्य पर्वत की गुफा व वृक्ष की कोटर आदि में निवास करना शुन्यकारावास कहलाता है “
द्रव्य उपचार Conventional usage of one matter for another. सद्भूत व्यवहार या भेदोपचार एक द्रव्य में अन्य द्रव्य का उपचार करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]