जीवनदान
……..जीवनदान………. (1) पूजन की सामग्री हाथ में लिये हुए बहुत से सेठ लोग आगे बढ़ते चले जा रहे हैं और बहुत से भक्त वापस आ रहे हैं। यह देखकर मृगसेन धींवर भी उधर ही बढ़ा, आगे देखता है एक महामुनिराज मध्य में विराजमान हैं। भक्त लोग उनकी भक्ति में तत्पर हैं। मध्य-मध्य में समय पाकर…