सोलापुर चातुर्मास, सन् १९६६
सोलापुर चातुर्मास, सन् १९६६ समाहित विषयवस्तु १. ज्ञान-भक्ति वात्सल्य की त्रिवेणी यहाँ प्रवाहित हुई। २. अनगिनत गं्रथों का स्वाध्याय। ३. अनेक स्तोत्रों एवं ग्रंथों की रचना। ४. प्रारंभिक जिज्ञासुओं एवं महिलाओं को ज्ञानदान। ५. जैन भूगोल को भूमि पर उतारा। काव्य पद जैसे बादल जल बरसाता, करता चलता जग उपकार। वैसे संत जहाँ पर जाते,…