दशधर्म की आरती
दशधर्म की आरती तर्ज-बार-बार तुझे क्या समझाऊँ…………. दशधर्मों की आरति करके, होगा बेड़ा पार। धर्म के बिना इस जग में, कौन करेगा उद्धार।।टेक.।। आत्मा को दुख से निकालकर, जो सुख में पहुँचाता। हर प्राणी के लिए वही तो, सच्चा धर्म कहाता। उसी धर्म को धारण करके, होगा बेड़ा पार। धर्म के बिना इस जग में,…