श्री ज्ञानमती माताजी की आरती (C)
श्री ज्ञानमती माताजी की आरती (C) तर्ज—अब न छुपाउँगा……. दीपक जला के हम, थाल सजा के हम, भक्ती करके हे माता, शक्ती कुछ पा लें हम। आओ करें मिल आज, माता की आरतिया ।।टेक.।। ये इस जग की गणिनी माँ, लगती जैसे ब्राह्मी माँ। ज्ञानमती गणिनी माता, इनका जग से क्या नाता।। इनके दर्शन को…