अथ दशम: परिच्छेद:
अथ दशम: परिच्छेद: क्या अज्ञान से बंध और अल्पज्ञान से मोक्ष होता है ? अज्ञानाच्चेद्ध्रुवो बन्धो, ज्ञेयाऽनन्त्यान्न केवली। ज्ञानस्तोकाद्विमोक्षश्चेदज्ञानाद्बहुतोऽन्यथा।।९६।। यदि अज्ञान बंध का हेतू, निश्चित है मानो, तब तो। ज्ञेय पदारथ कहे अनन्तों, कोई केवली वैâसे हो?।। अल्पज्ञान से यदि मुक्ती हो, तब तो उसका बहु अज्ञान। बंध हेतु होगा निश्चित तब, नहीं किसी को…