(अनुमान का लक्षण)
(अनुमान का लक्षण) तात्पर्यवृत्ति-लिंग-अविनाभाव संबंध जिसका हो वह लिंगी-साध्य कहलाता है। अनुमान साध्य के साथ अविनाभाव नियमरूप प्रधान लक्षण वाले साधन से उस साध्य का ज्ञान उत्पन्न होता है। उसी का नाम अनुमान है। वह अनुमान प्रमाण होता है। इष्ट, अबाधित और असिद्ध को साध्य कहते हैं। अन्य प्रकार से न होने रूप नियम को…