वर्तमान पट्टाचार्य श्री अभिनंदनसागर जी महाराज पूजन
“…वर्तमान पट्टाचार्य श्री अभिनंदनसागर जी महाराज पूजन…” -स्थापना (दोहा)- सदी बीसवीं के प्रथम, शान्तिसागराचार्य। उनके पट पर शोभते, षष्ठम पट्टाचार्य।।१।। अभिनन्दनसागर गुरू, है उनका शुभ नाम। गुरु चरणों मे है मेरा, बारम्बार प्रणाम।।२।। गुरुपूजन के हेतु मैं, करूँ यहाँ आह्वान। स्थापनसन्निधिकरण, में है भाव प्रधान।।३।। ॐ ह्रीं आचार्यश्रीअभिनंदनसागरमुनीन्द्र! अत्र अवतर अवतर संवौषट् आह्वाननं। ॐ ह्रीं…