बड़ी जयमाला
“…बड़ी जयमाला…” -सोरठा- श्री अनंत जिनराज, अनंतगुण के प्रभु धनी। नमूॅँ नमाकर माथ, गाऊँ गुणमणिमालिका।।१।। -नरेन्द्र छंद- जय जय तीर्थंकर क्षेमंकर, गणधर मुनिगण वंदे। जय जय समवसरण परमेश्वर, वंदत मन आनंदे।। प्रभु तुम समवसरण अतिशायी, धनपति रचना करते। बीस हजार सीढ़ियों ऊपर, शिला नीलमणि धरते।।२।। धूलिसाल परकोटा सुंदर, पंचवर्ण रत्नों के। मानस्तंभ चार दिश सुंदर,…