कल्याण कल्पतरु स्तोत्रम् (चौबीस तीर्थंकर स्तोत्र)
कल्याण कल्पतरु स्तोत्रम् (चौबीस तीर्थंकर स्तोत्र) (छंद सहित) श्री ऋषभदेव स्तोत्र श्रीछन्द:-(१ अक्षरी) ॐ, मां। सोऽ-व्यात्।।१।। स्त्रीछन्द:-(२ अक्षरी) जैनी, वाणी। सिद्धिं, दद्यात्।।२।। केसाछन्द:-(३ अक्षरी) गणीन्द्र!, त्वदंघ्रिं। नमामि, त्रिकालं।।३।। मृगीछन्द:-(३ अक्षरी) श्री-जिनै:, संततं। मन्मन:, पूयताम्।।४।। नारीछन्द:-(३ अक्षरी) श्री-देवो, नाभेय:। वंदेऽहं, तं मूर्ध्ना।।५।। कन्याछन्द:-(४ अक्षरी) पू: साकेता, पूता जाता। त्वत्सूते: सा, सेंद्रैर्मान्या।।६।। व्रीडाछन्द:-(४ अक्षरी) महासत्यां, मरुदेव्यां। सुतोऽभूस्त्वं,…