श्री ज्येष्ठ जिनवर पूजा
श्री ज्येष्ठ जिनवर पूजा नाभिराय कुल मण्डन मरुदेवी उर जननं। प्रथम तीर्थंकर गाये सु स्वामी आदि जिनं।। ज्येष्ठ जिनेन्द्र न्हवाऊँ सूरज उग्र मणी। सुवरण कलशा भराऊँ क्षीरसमुद्र भरणी।।१।। जुगला धर्म निवारण स्वामी ऋषभ जिनम्। संसार सागर तारण सेविय सुर गहनं।।ज्येष्ठ.।।२।। इन्द्र इन्द्रानी देवा देवी बहु मिलनी। मेरु जिनेन्द्र न्हवायो महोत्सव जै करनी।।ज्येष्ठ.।।३।। गणधर, ऋषिवर, यतिवर,…