रूक्षस्पर्ष नामकर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षस्पर्ष नामकर्म – जिस कर्म के उदय से षरीर रूखा हो। Ruksasparsa Namakarma-A type of karma causing dry skin in body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षस्पर्ष नामकर्म – जिस कर्म के उदय से षरीर रूखा हो। Ruksasparsa Namakarma-A type of karma causing dry skin in body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी व्रत – श्रीकृश्ण की पटरानी रूकमणी ने लक्ष्मीमती के भवन मे जो व्रत लिया था।भादों सुदी 8, 10, 12, 14 को उपवास 7, 9, 11, 13, 15 को चारणा इस तरह 8 वर्श तक करना।व्रत विधान संग्रह से उद्धृत । Rukmini Vrata-A specified procedural fasting
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी – भीश्म राजा की पुत्री, कृश्ण की पटरानी, प्रद्युम्न की मां। अंत में सभी पटरानियों और पुत्रवधुऔ के साथ दीक्षित हुई। Rukmini-The daughter of king Bhishma,The chief wife of Krishna
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मि पर्वत – जम्बद्वीप के 6 कुलाचल पर्वतों में 5 पर्वत , यह चांदी के समान है।इस पर महापुण्डरिक हद है जिसमें बुद्धिदेवी रहती है। Rukmi parvata-name of the fifth kulachal (mountain) among all six
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मि कूट – रूक्मि पर्वत के 8 कूटों में एक कूट। Rukmi (kuta)-name of a summit of Rukmi Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रिश्टसमुच्चय – आचार्य दुर्गदेव कृत मन्त्र तन्त्र विशयक एक संस्कृत गं्रथ का नाम। समय 11 षताब्दी Ristasamuccaya-name of a book related to mystical theme
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रिट्ठणेमिचरिउ – कवि स्वंयंभु कृत भगवान नेमिनाथ का जीवन वृत्त।18000 ष्लोक प्रमाण अपभ्रंष काव्य। Ritthanemicariu-Name of a religious book written by a poet Svayambhu
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राहू – ज्यातिश के मुख्य 9 ग्रहो में 8 वां ग्रह जन्मकुंडली में राहु ग्रह से अनिश्ट होने पर उसके निवारण हेतू भगवान नेमिनाथ की उमासना की जाती है। Rahu-An astrological planet
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राश्ट्रकूटवंष – जंगतंुग अमोधवर्श आदि राजाओ का वंष। इस वंष का राज्य मालवा प्रदेष में था। राजधानी मान्यखेट थी। Rastrakutavamsa-Name of a dynasty