02.1 द्रव्य-विवेचन, गुण पर्याय का स्वरूप
द्रव्य-विवेचन, गुण पर्याय का स्वरूप १.१ द्रव्य का स्वरूप (Nature of Realities)- जैन दर्शन में पदार्थ को सत् कहा गया है। सत् द्रव्य का लक्षण है। यह उत्पाद-व्यय-ध्रौव्य लक्षण वाला है। जगत् का प्रत्येक पदार्थ परिणमनशील है। सारा विश्व परिवर्तन की धारा में बहा जा रहा है। जहाँ भी हमारी दृष्टि जाती रही है सब…