जम्बूद्वीप 3D अनिमेशन
हँसना कषाय की अभिव्यक्ति है जबकि मुस्कुराना कषाय से मुक्ति आचार्य श्री अनुभवसागर जी महाराज श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, प्रगतिनगर में ससंघ विराजमान आचार्य श्री अनुभव सागर जी महाराज ने प्रातः कालीन धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जैसे पानी जिस से मिले वैसा अपना अलग रूप प्रदर्शित करता है, वैसे ही…
जान बची तो लाखों पाये (भक्तामर के तृतीय व चतुर्थ काव्य से सम्बन्धित कथा) ‘‘हे स्वामिन्! नमोऽस्तु, नमोऽस्तु; नमोऽस्तु, अगच्छ, अगच्छ, अगच्छ; अन्न-जल शुद्ध है; स्वामिन् आईये!’’… की मधुर स्वर लहरी एक बार पुनः वायुमंडल में थिरक उठी! नव यौवन दम्पत्ति के सु-मधुर कण्ठों से एक साथ निकला हुआ यह स्वर केवल जड़ शब्दों के…
अनुपम त्यागमूर्ति पन्नाधाय इतिहास के पृष्ठ विविध गुणों, विशेषताओं से विभूषित नारियों यथा वीरांगनाओं से सुसज्जित हैं परन्तु त्यागमूर्ति, स्वामिभक्त पन्नाधाय का उदाहरण भारत में ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में अनोखा, अतुलनीय, अद्वितीय व अनुकरणीय है। लगभग पांच शती पूर्व राजस्थान के परमवीर योद्धा मेवाड़ाधिपति महाराजा संग्रामसिंह (राणा सिंह) की विशाल सेना, बाबर की…
द्रव्य संग्रह पुस्तक में 6 द्रव्यों का सुंदर एवं विस्तृत विवेचन किया है, आचार्य श्री नेमचंद द्वारा रचित मूल गाथाएं प्राकृत भाषा में है ,इसने प्राण समुघात,मार्गणा आदि का विशेष रूप से वर्णन 58 गांथाओं में किया है। इसका पद्यानुवाद पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने बहुत ही सरल एवं सरस शब्दों में किया है।
यह ग्रंथ सबके लिए मंगलमय हो