तदभाव मरण!
तदभाव मरण Leaving of the present body (death). वर्तमान शरीर का छूट जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तदभाव मरण Leaving of the present body (death). वर्तमान शरीर का छूट जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विधिवाक्य – Vidhivakya. Statement reg. ordinace or order. आज्ञा या आदेश करने वाले वाक्य विधि वाक्य हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रासन – Bhadrasana. A specific reverential place at Pandukshila. पाण्डुकशिला पर स्थित एक आसन “
तिर्यक् गत्यानुपूर्वी Subhuman (Tiryanch) life course succession. देखें – तिर्यग्गतिप्रायोग्यानुपूर्वी ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेतस –Vetasa. Cane, a type of wood used in the Pichchhi of Jaina saints & other furniture too. बेंत, एक प्रकार की लकड़ी, जो जैनसाधुओं की पिच्छी में पकडने वाली डंडी के रूप में प्रयुक्त की जाती है ” वर्तमान में विशेष फ़र्निचर निर्माण में भी इसका प्रयोग होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकर्म द्रव्य कर्म – Nokarma Dravya Karma. External substances causing some results by Karmic fruition. कर्म प्रकृति के उदय फलस्वरूप जो कार्य हो उस कार्य के लिए जो बाहरी वस्तु कारण भूत हो वह वस्तु प्रकृति का नोकर्म द्रव्य कर्म है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यत्रतत्रानुपूर्वी–Yatratatranupurvi. At random exposition or accounting. आनुपूर्वी के 3 भेदो का एक भेद; क्रम के बिना जहां कही से भी कथन अथवा गणना करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वड्ढमाणचरिउ –Vaddhamaanachariu Name of a treatise written by poet Shridhar. कवि श्रीधर (ई .श. 12 का उत्तरार्ध) कृत 10 संधियों वाला अपभ्रंश काव्य ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैसर्गिक मिथ्यात्व – Naisargika Mithyaatva. Natural false belief. अग्रहीत मिथ्यात्व-परोपदेश के बिना मिथ्यात्व कर्म के उदय से जीवादि पदार्थों का अश्रद्धान रूप भाव “
तिमिसगुहृा Name of a summit of Vijayardh mountain in Airavat Kshetra (region). ऐरावत क्षेत्र स्थित विजयार्थ के 9 कूटों में से तीसरा कूट। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]