राजविघा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजविघा – राज्य संचालन की विद्या, यह धर्म अर्थ और काम ये तीनो पुरूशार्थो को सिद्ध करने वाली होती है। Rajavidya-talent of governance of a kingdom
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजविघा – राज्य संचालन की विद्या, यह धर्म अर्थ और काम ये तीनो पुरूशार्थो को सिद्ध करने वाली होती है। Rajavidya-talent of governance of a kingdom
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वड्ढमाणचरिउ –Vaddhamaanachariu Name of a treatise written by poet Shridhar. कवि श्रीधर (ई .श. 12 का उत्तरार्ध) कृत 10 संधियों वाला अपभ्रंश काव्य ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैसर्गिक मिथ्यात्व – Naisargika Mithyaatva. Natural false belief. अग्रहीत मिथ्यात्व-परोपदेश के बिना मिथ्यात्व कर्म के उदय से जीवादि पदार्थों का अश्रद्धान रूप भाव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहित कुड – हैमवत क्षेत्र में स्थित एक कुण्ड जिसमें से रोहित नदी निकलती है। Rohita Kumda-Name of a large pool of haimvati kshetra (region)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीलचंद – Sheelachanda. Name of a Bhattarak of nandi group. नंदीसंघ बलात्कारगण उज्जयनी गद्दी के एक भट्टारक् ” समय – वि. 735 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैपीरियन – NaiNaipeeriyana. Name of ‘ Logarithm to the base 2’. अर्द्धच्छेद या लाघुरिक्थ गणित; 2 के आधार वाले लघुरिक्थ का नाम नैपीरिय लॉग है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युक्त्यनुशासन – आचार्य समन्तभद्र कृत सस्कृत में 64 ष्लोक ष्लोक प्रमाण स्तोत्र। Yuktyanusasana- name of a book written by acharya samantbhadraji
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रतुंडा – Vajratunda A super power possessed by Bharat Chakravarti (an emperor) & by Lord Arahnath. चक्रवर्ती भरत की एक शक्ति ,यह शक्ति तीर्थंकर अरहनाथ के पास भी थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचन्द्र – Nemichandra. A writer of ‘Devisandhan Kaya’ and many other books. द्विसंधान काव्य टीका, द्विसंधान काव्य, उत्सव पद्धति, त्रैवर्णिकाचार आदि के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राज्याभिषेक – स्नपन क्रिया, राजा को राज्य का स्चामित्च प्राप्त होने के समय होने वाली एक क्रिया विधि।इसके पष्चात पटट् बा्रधकर वस्त्राभूशण देते हुए राज्य का स्वामित्व प्रदान किया जाता है। Rajyabhiseka-Coronation, the ceremony of crowning a king