हेय!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेय – Heya. Non-acceptable matters, insignificant, worthless. जो पदार्थ छांेड़ने योग्य है वे हेय कहलाते है। 7 तत्त्वों मे आस्रव, बंध तत्त्व हेय है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेय – Heya. Non-acceptable matters, insignificant, worthless. जो पदार्थ छांेड़ने योग्य है वे हेय कहलाते है। 7 तत्त्वों मे आस्रव, बंध तत्त्व हेय है।
तिर्यंचयोनिज Beings born in Tiryanch form. जो जिर्यंच की योनिेयों से उत्पन्न हों। 84 लाख योनि में तिर्यंच की योनि 62 लाख है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेतुत्व – Hetutva. Causative base. कारणपना, जैसे धर्म द्रव्य का लक्ष्ण गमन हेतुत्व है और जीव व पुद्गल के गमन मे धर्म द्रव्य सहकारी होता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमाध्यात्मतरंगिनी: A book written by Acharya Shubhchandra Bhattarak.आचार्य शुभचन्द्र भटटारक (ई0 1516) कृत एक संस्कृत टीका।
तिजारा (तीर्थ) Name of a Digambar Jain Atishay Kshetra (a place of pilgrimage) of Lord Chandraprabh in Alvar dist. Rajsthan. राजस्थान के अलवर जिले में स्थित एक सुन्दर नगर जहाँ चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र अवस्थित है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिनयान – Hiinayaana. Name of a Bauddha sect. एक बौद्व सम्प्रदाय, अपरनाम स्थविरवादी, ये रुढि़वादी है एवं इसके वैभाषिक व सौत्रांतिक दो भेद है।
तर्क संग्रह A book written by Shivaditya. वैषेषिक साहित्य प्रवर्तक शिवदित्य का एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसात्व – Himmsaatva. Violenceful or violent sentiments. हिंसा का भाव।
तरेप्पन क्रिया वृत Union or association with youngs (which is prohibited in relation to observing celibacy). श्रावक की 53 क्रियाओं के वृत – अष्टमूलगुण , बारह व्रत, बारहि तप, समता भाव, ग्यारह प्रतिमाएं, चार दान, पानी छानकर पीना, रात्रि भोजन त्याग, सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान आसैर सम्यग्चारित्र के वृत । इनकी विधिस ग्रंथों में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष…